१- अष्टाध्यायी का कौन सा पाठ
उपलब्ध है ?
(क) प्राच्य
(ख) पाश्चात्य
(ग) दाक्षिणात्य
(घ) औदिच्य उ.(ख)
२- अनादि निधना नित्या वागुत्सृष्टा
स्वयम्भुवा ।
आदौ वेदमयी दिव्या यतः सर्वा
प्रवृत्तयः ।।
उपरोक्त्त किसका कथन है ?
(क)
वेदव्यास
(ख)
भतृहरि
(ग) पणिनी
(घ) नागेश भट्ट उ(क)
३- निम्न मे से पुलिङ्ग है-
(क) मति
(ख) स्तुति
(ग) सखि
(घ) गति उ (ग)
४- पणिनीय के धातु पाठ मे कुल संख्या है -
(क) १९७८
(ख) १९४४ उ
(ख)
(ग) १९५६
(घ) १९९८
५- निम्न में से कौन सा रूप
पठ् धातु में नही बनता है –
(क) पठानि
(ख) पठतः
(ग) पठन्तः
(घ) पठताम् उ (ग)
६- वर्ण समाम्नाय के
प्रत्याहार की संख्या कितनी है –
(क) १६
(ख) १४
(ग) ३२
(घ) ४२ उ (क)
७- कौन सा वाक्य शुद्ध है -
(क) रामः रावणमह्नत्
(ख) रामः रावणहनत्
(ग) रामः रावणमहन्
(घ) रामः रावणमहन् उ (घ)
८- धातुपाठ विषयक साणाचार्य जी
का ग्रन्थ है-
(क) धातुमाला
(ख) धातुनिधि
(ग) धातुरूपावली
(घ) धातुसुधानिधि उ (घ)
९- कौन सा आभ्यान्तर प्रयत्न
नही है-
(क) स्पृष्ट
(ख) इषत्स्पृष्ट
(ग) विवार
(घ) विवृत उ (ग)
१०-
किस प्रत्यय के अन्त में होने वाले पुल्लिङ्ग नही होते है-
(क) घञ्
(ख) घ
(ग) अच
(घ) यत् उ (घ)
११-
कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में नही होता-
(क) खल्
(ख) कृत्य
(ग) क्त
(घ) क्तवतु उ (घ)
१२-
‘’इदानीम्’’ रूप में कौन सा प्रत्यय है-
(क) ईम्
(ख) नीञ्
(ग) दानीम्
(घ) दानी उ (ग)
१३-
‘’सभापण्डितः’’ किस विभक्ति का तत्पुरुषसमास है-
(क) तृतीया
(ख) चतुर्थी
(ग) पञ्चमी
(घ) सप्तमी उ(घ)
१४-
‘उद्गतो गन्धौ यस्य सः’ का समस्त पद क्या होगा-
(क) उद्गन्धः
(ख) उद्गतगन्धः
(ग) उद्गन्धिः
(घ) उद्गतगन्धिः उ(ग)
१५-
‘भुवः प्रभवः’ यह सूत्र किस विभक्ति का विधायक है-
(क) तृतीया
(ख) प्रथमा
(ग) पञ्चमी
(घ) षष्ठी

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